विषमुक्त
प्राकृतिक खेती के प्रति भरोसा जगाने की सफल पहल
✍डाक्टर जगदीश शर्मा
सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के लक्ष्य
की प्राप्ति के लिए जिस त्याग, मेहनत और संयम की आवश्यकता है,उससे भी कहीं अधिक त्याग और जागरूकता ऐतिहासिक नगरी पांगणा के पज्याणु
गांव के किसानों में आज प्रत्यक्ष दिखती है।आज वैश्विक महामारी कोरोना के संकट काल
में लीना के परमोज्जवल त्याग का प्रत्यक्ष प्रमाण पज्याणु में दिख रहा है।लीना
शर्मा की प्राकृतिक खेती का अनुकरण करती पज्याणु गांव की अनेक कृषक महिलाओं व
पुरुष किसानों के मटर कोरोना के संकट दौर में भी न के बराबर खर्च और न के बराबर
उत्पादन लागत के बावजूद उम्मीद से कहीं अधिक अच्छे दामों पर बिके।इन किसानों का
कहना है कि वर्तमान में खेती को शून्य लागत के आधार पर लाभकारी बनाने तथा जमीन की
उर्वरा शक्ति बढ़ाना भी अति आवश्यक है।
गांव पज्यानु ब्लॉक करसोग जिला मंडी में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती की मास्टर ट्रेनर लीना शर्मा द्वारा चलाई जा
रही सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती आज इस वैश्विक महामारी के चलते वरदान साबित हो
रही है। महंगे रसायन व मंहगी खादों का प्रयोग न करके इस गांव के लोग सुभाष पालेकर
प्राकृतिक विधि से खेती कर रहे हैं। देसी गाय के गोमूत्र और गोबर पर आधारित इस
खेती के आश्चर्यजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से बने
जीवामृत, घन जीवामृत,तथा कीटनाशकों में
अपने आसपास की जड़ी बूटियों से निर्मित ब्रह्मास्त्र, आग्नेयास्त्र,
दशपर्णी अर्क, चमक के लिए सप्तधान्य अर्क
इत्यादि का छिड़काव करके प्राकृतिक फसलें तैयार की जा रही है। मुख्य
फसल मटर के साथ बोनस के रूप में सह फसल के रुप में
गेहूं, चना,सरसों, लहसुन-प्याज, धनिया, मूली,गोभी इत्यादि भी मिल रही है। मास्टर ट्रेनर लीना शर्मा का कहना है कि यह
फसलें बिना किसी खर्चे के एक साथ प्राप्त की जा रहीं हैं तथा इस विधि से प्राप्त फसल रसायनो के प्राप्त फसल की अपेक्षा ज्यादा
उत्पादन व स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही अच्छी हैं।
पज्याणु के किसानो में तारा शर्मा, ममता
शर्मा, हरिपाल शर्मा,तारा कौशल,
सत्या कौंडल, सावित्री देवी,सोहन सिंह, केहर सिंह,प्रदीप
शर्मा, शीला शर्मा ज्ञान चन्द, मीना
शर्मा, किरण शर्मा, पिंकी देवी इत्यादि
किसान इस बिना किसी खर्च के प्राकृतिक खेती कर बहुत खुश हैं कि बिना खर्च के आज
उत्पादन लाभ लगभग दोगुना मिल रहा है।स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त लीना शर्मा द्वारा
पज्याणु गां में शुरू की गई इस पहल और सार्थक प्रयास के परिणाम आज पज्याणु के
मिश्रित फसल उत्पादन के लहलहाते खेतों में जाकर देखे जा सकते हैं।संस्कृति मर्मज्ञ
डॉक्टर जगदीश शर्मा, व्यापार मंडल के प्रधान सुमीत गुप्ता और
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला प्रभारी जितेंद्र महाजन,विज्ञान
अध्यापक रमेश शर्मा,पुनीत गुप्ता और सेवानिवृत्त वन अधिकारी
लालाराम शर्मा का कहना है कि प्राकृतिक खेती की यह तकनीक नवीन नहीं है,अपितु अनादि काल से ही देसी गाय के गोबर और गौमूत्र पर आधारित यह तकनीक
भारतीय जीवन पद्धति का सार है लेकिन काल के आधार पर आए बदलावों ने कृषि में मंहगी
रासायनिक खादों, मंहगे कीटनाशकों और हारमोन्स से अधिक फसल
उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त करने के चक्कर में कृषि को धन कमाने के साधन के रुप
में बदल दिया है।जिसके दुष्प्रभाव जल-जंगल-जमीन के साथ मनुष्य और अन्य जीवों पर भी
सपष्ट देखे जा सकते हैं।
ऐसे में लीना शर्मा और पज्याणु के
किसानों के प्रयास बहुत स्तुत्य हैं।लीना शर्मा का कहना है कि सुभाष पालेकर
प्राकृतिक खेती प्रकृति के साथ-साथ चलने की प्रेरणा देने वाली खेती है जिससे
मिट्टी की अम्लीयता और क्षारीयता कम तो होती ही है तथा इस खेती से पैदा फसलें शरीर
के लिए स्वास्थ्यवर्धक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी बहुत सहायक सिद्ध
होती हैं।सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती अपनाने के कारण पिछले लगभग डेढ़ वर्ष में
पज्याणु गांव के किसानों ने जो उल्लेखनीय प्रगति की है इसमे हिमाचल प्रदेश के कृषि
और बागवानी विभाग के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन सराहनीय है।सरकार की ओर से
सुभाषपालेकर प्राकृतिक खेती अपनाने वाले इन किसानों को घर द्वार पर सब्जियों, दालों
और अन्न के मुफ्त बीज मिल ही रहे हैं साथ ही नामी गिरामी
कृषि विशेषज्ञों व हिमाचल प्रदेश के दूसरे जिलों के किसानों के दल भी पज्याणु में
दस्तक दे रहे है।
लीना शर्मा 2019 में
दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कृषि मेले में हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर
चुकी हैं। लीना शर्मा ने कहा कि सहभागिता से इस ऊंचाई तक पहुंचने के बाद मेरे साथ
जुड़े किसान बागवान भी आज बहुत उत्साहित हैं।सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती कर रहे
किसानों के उगाए खाद्यान्नों को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय
किसान मेले में गत दिनों प्रदर्शित किया गया तो ये उत्पाद हाथों-हाथ बिक गए।
हिमाचल सरकार के कृषि विभाग की ओर से दिल्ली में प्रगति मैदान में आयोजित
अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्व कृषि एवं बागवानी एक्सपो में अपने उगाए प्राकृतिक
उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच मिलने से लीना शर्मा बहुत उत्साहित हैं। सरकार
की ओर से "प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान" योजना के तहत सुभाष पालेकर
प्राकृतिक खेती कर रहे 8 किसानों को दिल्ली में
अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया गया था। 3 दिनों तक चले इस
विश्व स्तरीय एक्सपो में देश विदेश के आगंतुको ने न सिर्फ किसानों के प्राकृतिक
उत्पादों की सराहना की बल्कि उन्हें खरीदने में बहुत रुचि दिखाकर किसानों को
प्रोत्साहित भी किया।इन किसानों की ओर से उगाए गए गेहूं, जौ,
मक्की, सेब, शिमला मिर्च
और कई दालों को इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में रखा गया।
दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री
मनीष सिसोदिया और आसाम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने भी हिमाचल कृषि विभाग के
प्राकृतिक उत्पादों की सराहना की। 3 दिनों तक चले इस कृषि
एवं बागवानी एक्सपो में मंडी जिला की ऐतिहासिक नगरी पांगणा के पज्याणु गांव की
लीना शर्मा के अतिरिक्त शिमला जिला के सुरेश, भूपेंद्र ठाकुर,
रविंद्र चौहान, बिलासपुर के किसान ब्रह्म दास,
प्रवीण कुमार सोलंकी, संजीव ठाकुर सिरमौर के
राजेंद्र और अर्जुन ने अपनी उगाई सब्जियों और दालों की बिक्री की। लीना शर्मा ने
कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मेलों से किसानों को उत्साह मिलता है। उन्होंने कहा कि
आगे भी किसानों के लिए इस तरह के मेलों में सहभागिता के लिए वे जाना चाहेंगी। ताकि
उन्हें और उनके साथ जुड़े हुए किसानों को भी प्रोत्साहन मिल सके।
एक्सपो में पहुंचे हिमाचल कृषि विभाग के विषय
वाद विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील पटियाल,डॉक्टर मुनीश सूद,डॉक्टर संजीव शर्मा, डॉक्टर मोनाली शर्मा,ए टी एम सोनाली महाजन ने अंतरराष्ट्रीय एक्स्पो में हिमाचल की ओर से
किसानों के लिए चलाई गई "प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान" योजना और अन्य
योजनाओं के बारे में जानकारी दी। राज्य परियोजना निदेशक प्राकृतिक खेती खुशहाल
किसान योजना के निदेशक राकेश कंवर द्वारा लीना शर्मा जी को जारी प्रशस्ति पत्र में
कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्राकृतिक खेती खुशहाल
किसान योजना के अंतर्गत सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि से खेती लागत कम करने
एवं जमीन की उर्वरा शक्ति बरकरार रखकर किसान की आय दोगुनी करने का अभियान प्रदेश
भर में चलाया जा रहा है।इस अभियान को गति देने में यहां के किसानों की भूमिका
सराहनीय रही है। उन्होंने बताया कि करसोग क्षेत्र की लीना शर्मा सुभाष पालेकर
प्राकृतिक खेती विधि पर 6 दिन का प्रशिक्षण प्राप्त कर इसे
पूरी तरह से अपनाए हुए हैं।
लीना शर्मा फरवरी 2020 के
दूसरे पखवाड़े मेंहिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रहे हरियाणा निवासी आचार्य
देवव्रत जी की प्राकृतिक खेती आधारित गुरुकुल कुरुक्षेत्र में करीब 250 एकड़ में फैले जैविक खेती का फार्म हाउस का अध्ययन कर प्रेरणा प्राप्त कर
चुकी हैं।लीना का कहना है कि इस फार्म को देखने देश-दुनिया की बड़ी-बड़ी हस्तियां
आती हैं।करसोग,नाचन,सुंदरनगर निर्वाचन
क्षेत्रों की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं की राष्ट्रीय सेवा इकाइयों के स्वयं सेवी,कार्यक्रम अधिकारी,अध्यापक-प्राध्यापक से लेकर इन
क्षेत्रों के किसान संगठन और और अनेक संगठन तथा कई कृषि वैज्ञानिक लीना की
प्राकृतिक खेती के मुरीद हो चुके हैं।लीना शर्मा की सेवाओं को देखते हुए करसोग के
विधायक हीरा लाल जी ने जहां करसोग के ठांगर-सपनोट में जुलाई 2019 में आयोजित खंड स्तरीय शिविर मे लीना को सम्मानित किया है वहीं लीना शर्मा
को खंड स्तर पर 15 अगस्त 2019 को
आयोजित स्वतंत्रता दिवस में सर्वश्रेष्ठ किसान के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।
बकौल लीना शर्मा अक्तूबर 2018 में
शिमला के कुफरी में कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती की अवधारणा के जनक
कृषि विज्ञानी पदमश्री सुभाष पालेकर के प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने का मौका
मिला। उसके बाद जैसे विषमुक्त खेती मेरा जुनून बन गई।’ वे आगे बताती
हैं कि उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान ही ठान लिया था कि खुद तो शून्य लागत खेती
करेंगी ही साथ ही अपने गांव में भी लोगों को इससे जोड़ेंगी ताकि सब लोग इससे
लाभान्वित हो सकें।आज लीना की सेवाओं को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सूचना और जन
संपर्क विभाग के मंडी जिलाधिकारी ने पज्याणु पहुंच कर वृतचित्र का निर्माण किया
है।लीना का कहना है कि उन्हें सबसे अधिक खुशी इस बात की है कि उन्हें किसानों में
प्राकृतिक खेती के प्रति भरोसा जगाने में विज्ञान अध्यापक पति अमर शर्मा,परिवार के सभी सदस्यों, गांव वासियों,कृषि विभाग के समस्त अधिकारियों, खंड-जिल-राज्य
प्रशासन, आनेक विद्यलयों के शिक्षकों-विद्यार्थियों तथा
प्रिंट और इलैक्ट्रोनिक मिडिया का बहुत सहयोग मिला है।मेरी ताकत यही सब सहयोगी हैं
तथा पज्याणु गांव सुभाषपालेकर प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों की मेहनत का
जीता जागता उदाहरण है।।
✍डाक्टर जगदीश शर्मा
पांगणा करसोग मण्डी
हिमाचल प्रदेश



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